क्या आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा हुआ है? इन योगासनों से करें कंट्रोल
जब खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है तो इसे हाई कोलेस्ट्रॉल कहते हैं। इससे दिल का दौरा या स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। कोलेस्ट्रॉल भले ही शरीर के लिए आवश्यक है लेकिन इसकी अधिक मात्रा हानिकारक हो सकती है। अस्वस्थ आहार, शारीरिक सक्रियता की कमी, अधिक वजन, धूम्रपान, मधुमेह, उच्च रक्तचाप समेत कई कारणों से हाई कोलेस्ट्रॉल की शिकायत हो सकती है।
वहीं इस समस्या से हृदय पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण दिल के दौरे का खतरा रहता है। हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए प्राकृतिक तरीकों में योग असरदार है। कुछ योगासनों के नियमित अभ्यास से हाई कोलेस्ट्रॉल के स्तर को काबू किया जा सकता है और हृदय रोग के जोखिम से बचा जा सकता है।
सूर्य नमस्कार
सूर्य नमस्कार 12 आसनों की श्रृंखला है, जिसके नियमित अभ्यास से कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिलती है। कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी सूर्य नमस्कार असरदार है।
पश्चिमोत्तासन
पश्चिमोत्तासन एक तरह का स्ट्रेचिंग आसन है जो पाचन को सुधारने के साथ ही कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक है। जिन लोगों को लिवर की समस्याएं हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह से पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास करना चाहिए। इससे लिवर से जुड़ी समस्याओं के लक्षण कम हो सकते हैं।
सर्वांगासन
सर्वांगासन को फुल बाॅडी आसन कह सकते हैं। इसके अभ्यास से पाचन में सुधार होता है और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद मिलती है। इसके अभ्यास के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाएं और हाथों से कमर को सहारा दें। पूरे शरीर का भार कंधों पर रखें और ठुड्डी को छाती से लगाएं। 30 सेकंड से 1 मिनट तक इस मुद्रा में रहें।
भुजंगासन
इस आसन से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने के साथ ही स्पाइन को स्ट्रेच करने में मदद मिलती है। भुजंगासन का अभ्यास पूरे शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। अभ्यास के लिए पेट के बल लेटें और हथेलियों को कंधों के पास रखें। सांस लेते हुए शरीर के ऊपरी हिस्से को उठाएं और गर्दन ऊपर करें। इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रुकें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।